1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'तमिलनाडु की विजय सरकार कभी भी गिर सकती है', पूर्व सीएम स्टालिन का दावा; DMK को इसलिए लग रही संभावना

'तमिलनाडु की विजय सरकार कभी भी गिर सकती है', पूर्व सीएम स्टालिन का दावा; DMK को इसलिए लग रही संभावना

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : May 19, 2026 03:58 pm IST,  Updated : May 19, 2026 04:02 pm IST

पूर्व सीएम स्टालिन ने भविष्यवाणी की है कि विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार कभी भी गिर सकती है और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे समय से पहले विधानसभा चुनावों की संभावना के लिए तैयार रहें।

पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन - India TV Hindi
पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन Image Source : PTI

चेन्नईः डीएमके चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दावा किया है कि विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार कभी भी गिर सकती है। उन्होंने डीएमके कार्यकर्ताओं से जल्द चुनाव के लिए तैयार रहने का भी आग्रह किया है। स्टालिन ने कहा, "हार अस्थायी है। मौजूदा सरकार कभी भी गिर सकती है। ऐसी संभावना है कि विधानसभा चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ ही फिर से हो सकते हैं। हम वापसी करेंगे और फिर से जीतेंगे।" उन्होंने कहा कि डीएमके पहले भी हार की झटकों से उबरते हुए वापसी की है। 

स्टालिन ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु में सूरज (DMK का चुनाव चिह्न) कभी अस्त नहीं होगा। हार की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी लेते हुए स्टालिन ने कहा कि वह इस असफलता के लिए जवाबदेही और ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हैं। स्टालिन अपनी खुद की सीट कोलाथुर सीट भी हार गए थे।

डीएमके का इसलिए लग रही संभावना

डीएमके सूत्रों का कहना है कि अगर उसके सहयोगी VCK, CPI, CPM और IUML, जो बाहर से सरकार का समर्थन कर रहे हैं। अपना समर्थन वापस लेने का फ़ैसला करते हैं या अगर तमिलनाडु के स्पीकर या अदालतें AIADMK के बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर देती हैं तो राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है। हालांकि सत्तारुढ़ TVK के सूत्रों का कहना है कि वे इससे बिल्कुल भी परेशान नहीं हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके पास पूरे कार्यकाल तक बने रहने के लिए ज़रूरी संख्या-बल मौजूद है।

डीएमके चीफ स्टालिन ने पार्टी से सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का भी आग्रह किया और इशारों-इशारों में यह भी कहा कि विजय की TVK इस मामले में काफ़ी आगे है। स्टालिन ने कहा, "जिस राजनीति पर हम कभी चाय की दुकानों पर चर्चा करते थे, अब उस पर सोशल मीडिया पर चर्चा होनी लगी है। 

हार के कारणों को जानने के लिए गठित की कमेटी

स्टालिन ने चुनावी हार के कारणों का विश्लेषण करने और जनता से सीधे फ़ीडबैक लेने के लिए 36 सदस्यों की एक समिति भी गठित की है। इस कदम को ज़मीनी स्तर पर विश्वास बहाल करने और यह पहचानने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि पार्टी ने अपना समर्थन कहां खोया है। TVK के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने से दोनों कट्टर द्रविड़ प्रतिद्वंद्वी पार्टियां विपक्ष में चली गई हैं, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में उनका 59 साल पुराना दबदबा खत्म हो गया है।

बता दें कि 107 सीटों और सहयोगी कांग्रेस की पांच सीटों के साथ TVK को अभी चार DMK सहयोगियों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें से प्रत्येक के पास 2 सीटें हैं और इस तरह उसे बहुमत हासिल है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को 25 बागी AIADMK विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने पिछले हफ़्ते विश्वास मत के दौरान सरकार के पक्ष में वोट दिया था। 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत